Sunday, June 26, 2011

विनोद बिस्सा के काव्य संग्रह "बालरंग" का विमोचन ॰॰॰


विनोद बिस्सा के काव्य संग्रह "बालरंग" का विमोचन ॰॰॰


मेरे तृतीय काव्य संग्रह "बालरंग" का विमोचन १० जून को रायपुर में वरीष्ठ साहित्यकार व प्रधान संपादक 'हाईवे चैनल' श्री प्रभाकर चौबे जी, देशबंधु समाचार पत्र के स्थानीय संपादक श्री शशांक शर्मा जी, हाईवे चैनल के स्थानीय संपादक श्री अनिरुद्ध दुबे जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स के पूर्व महासचिव श्री देवेन्द्र अग्रवाल जी, साहित्यकार श्री किशोर तारे जी एवं प्रतिष्ठित डॅा॰ सुरेश चिमनानी जी की विषेश रुप से उपस्थिती रही।

काव्य संग्रह बाल रंग के विमोचन के अवसर पर श्री देवेन्द्र अग्रवाल जी ने अपनी काव्य रचना भ्रष्टाचार का पाठ किया तथा उनके काव्य संग्रह सदभावना पर भी चर्चा की गई।

बहुत ही यादगार पल थे जिसे आप सब के मध्य बांटते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। शुभकामनायें ॰॰॰ विनोद बिस्सा

Wednesday, May 18, 2011

भूखी प्यासी चिड़िया


भूखी प्यासी चिड़िया

लगी है जब प्यास चिड़िया को

तब वह पानी की तलाश में

इधर उधर घूमती हुई

गई एक घर में

वहां पर पानी व रोटी रखी थी

रोटी पानी देखकर

वह बहुत खुश हुई

रोटी खाकर पानी पीकर

वह चिड़िया

उस सामने के घर में चली गई


__________ विनोद बिस्सा

Monday, May 9, 2011

बदलता मौसम ॰॰॰


बदलता मौसम ॰॰॰

दोपहर में पड़ती है

तेज गर्मी,

शाम को होती है

जोरों की वर्षा,

बाद में चलती हैं

तेज हवायें ॰॰॰

ऐसा बदलता है

रोज रोज का मौसम

कभी गर्मी,

कभी ठंडी ठंडी हवायें

चलती हैं।

लेखक – विनोद बिस्सा

Monday, February 7, 2011

आया बसंत का दिन.....

आया बसंत का दिन.....




आया बसंत का दिन
हल्की हल्की ठण्डी हवायें
चल रही है
बसंत के फूल खिले हुवे हैं
घर घर में
पीले पीले फूल खिले हैं
बसंत बहार में
बच्चे स्कूल जा रहे हैं
सुबह सुबह
पीले पीले कपड़े पहनकर
आज स्कूल में
पूजा हो रही हैं बसंत पंचमी कई
>>>>>>>> विनोद बिस्सा
समाचार पत्र "हाईवे चैनल" में दिनांक - 07-02-2011 को प्रकाशित

Saturday, December 25, 2010

सुबह सुबह ........


सुबह सुबह


सुबह सुबह का समय है
कुछ तो आज करना है
नया साल आने वाला है
कुछ तो नयापन का काम॰॰॰
करके दिखाना चाहिये
जिससे ऐसा लगे कि
कुछ तो हमने
नया साल में॰॰॰
नया काम करने का
अपने मन में नया
विचार लेकर कुछ नया
काम करने का मन में सोचा है
मन के मेरे विचार
आपके सोचे मन के विचार पूरे हो
नयी खुशियां मिले मन सदा खुश रहे
मनोकामना सब पूरी हो


......................... विनोद बिस्सा
समाचार पत्र "हाईवे चैनल" में दिनांक - 24-12-2010 को प्रकाशित

Friday, October 1, 2010

महात्मा गांधी का जन्म दिन



महात्मा गांधी का जन्म दिन


आज दो अक्टूबर है
आज के दिन
महात्मा गांधी का जन्म दिन है
हर वर्ष महात्मा गांधी का जन्म दिन
दो अक्टूबर को मनाया जाता है
देश विदेश सब जगह में
मेरे देश विदेश सब जगह
लोग यह कहते हैं
गांधी ने क्या किया
देश भारत को
गांधी नेहरु भगत सिंह सबने
मिलकर देश को आजाद किया
नशा ना करें शराब ना पीयें
का नारा दिया
एक धोती एक डंडा से
अपना पूरा जीवन गुजार दिया
देश विदेश में जाकर
अपने देश का
नाम ऊंचा किया

______ विनोद बिस्सा

Friday, August 13, 2010

आया सावन

आया सावन


बरसात हो रही है
महिलाओं की लाईन लगी हुई है
एवं बच्चे भी लाईन में है
मंदिर जाने के लिये
मंदिर में बहुत से लोग
पूजा करने के लिये


हाथ में पूजा की थाली
लेकर बच्चों के साथ
वहां पर हैं
बच्चे अपनी मां से
झूला झूलाने के लिये
जाने के लिये कह रहे हैं
मां कहती हैं
अभी रुक जाओ
पूजा करके चलेंगे
बच्चे कहते हैं ठीक है
बरसात रुक गई है
बच्चे एवं बच्चे के भाई बहन
मिल जुल कर झूला झूल रहे हैं
मां बच्चों को
झूला झूला रही है


विनोद बिस्सा
समाचार पत्र "हाईवे चैनल" में दिनांक - 13-08-2010 को प्रकाशित

Thursday, July 8, 2010

पेड़ लगाऐं

पेड़ लगाऐं


अपने घर के आस पास
लगायें फूलों के पौधे
अलग अलग तरह के
फुल व पत्तेदार छोटे छोटे
पेड़ लगाकर हरियाली
बनायें रखें
पानी तो रोज गिरता है
बारिश का पानी डालने की
जरुरत नहीं है
देखते देखते
कुछ दिनों में यह पौधा
पेड़ का रुप लेगा
जब फूल आने लगेंगे
तब तरह तरह के
वह फूल पूजा में काम
आयेंगे आम का पेड़
केले का पेड़ तुलसी का पेड़
पीपल का पेड़ आंवले का पेड़
कोई भी पेड़ अपने घर में
छोटा छोटा पौधा लगायें
मनीप्लांट का पौधा लगाकर घर को
हरा भरा बनायें रखें
पेड़ लगाये ॰॰॰॰


विनोद बिस्सा

Sunday, April 11, 2010

हरा हरा आम का पेड़


हरा हरा आम
पेड़ में लगे हैं
कच्चे कच्चे आम
यह पेड़ पर लगे हुए
कच्चे कच्चे आम
हर कोई देख रहा है
यह कच्चे कच्चे आम
मांग रहा है
यह कच्चे कच्चे आम
हम दे रहे हैं
उसे यह आम
कितना खुश है
लेकर यह आम
लेखक - विनोद बिस्सा
हाईवे चैनल 09-04-2010

Wednesday, January 27, 2010

तिरंगा झण्डा




तिरंगा झण्डा

झण्डा उंचा रहे हमारा

उपर से केसरिया

सफेद और हरे रंग का

सफेद में

एक गोला बना है

चक्र का

मां ने हमे दिया है ।

हम जा रहे हैं,

अपने भाई के साथ स्कूल।

झण्डा हाथ में लेकर

हमारे घर से

फहराया गया

तिरंगा झण्डा

हमने अपना झण्डा

दिया है

हमारे भाई को

भाई के हाथ में है

तिरंगा झण्डा


विनोद बिस्सा

Saturday, December 19, 2009

चुनाव में महिलाऐं


चुनाव में महिलाऐं

जब हुई तैयारी

शुरु चुनाव की

तब महिलाऐं

उतरी जंग में

हर तरफ से

महिलाऐं हैं तैयार

चुनाव की जंग

जीतने को

मजबूत इरादों के साथ

कूदी हैं चुनाव की जंग में

मिला जब टिकिट

तब उतरी जंग में

कुछ हार गईं

यही तो है

चुनावी जंग का खेल

फिर तो भाग्य

अपना अपना है



...... विनोद बिस्सा

Saturday, November 14, 2009

बाल दिवस


बाल दिवस


आज है बाल दिवस
आज के दिन
चाचा नेहरु का
जन्म दिन
बाल दिवस के रुप में
मनाया जाता है
आज है बच्चों की
खुशी का दिन
आज सब बच्चे
मिलकर फूलों के वृक्ष लगायें
गुलाब लाल, सफेद, पीला
गुलाबी रंग का वृक्ष लगायें
अपने अपने घरों में
फूल पूजा में भी काम आयेंगे



॰॰॰॰॰॰॰ विनोद बिस्सा

Sunday, October 18, 2009

आई दिपावली


आई दिपावली
हर मकान में
रंग पुताई हो रही है
दीपावली पर्व आ रहा है
सब लोग तैयारी कर रहे हैं
दीपावली की
कुछ घरों में
पुताई हो गई है
हर घर नया सा
दिख रहा है
घरों में बिजली की
लाईट लगी है
जग-मग जग-मग
लाईट जल रही है
मीट्टी का दिया जल रहा है
घर वाले रंगोली बना रहे हैं
कुछ बच्चे पटाखा
फुलझड़ी जला रहे हैं


Sunday, July 26, 2009


शिव मंदिर


एक ऐसा शिव जी का मंदिर है
चारों तरफ से खुला हुआ है
बेलपत्ती के पेड़ नीचे
शिव जी का मंदिर है
सावन में जब हवा चलती है
तब बेलपत्ती कुछ जमीन पर गिरती है
कुछ शिव जी के उपर गिरती है
जब बारिश का पानी गिरता है
कुछ जमीन में और कुछ
शिव जी के उपर गिरता है
सावन में लोगों की भीड़ लगी रहती है
सब लोग वहां पूजा करने के लिये आते हैं
वहां पर मेले जैसा आनन्द लगता है
वहां पर एक महिना बहुत आनन्द है
शिव जी का मंदिर
रंग बिरंगी लाईटों से सजा हुआ है
शिव जी को बेलपत्ती, फूलों से सजाया हुआ है
बच्चों का झूला लगा हुआ है
बच्चे महिलायें सब
झूले का आनन्द ले रहे हैं

Sunday, April 5, 2009

दो कुण्डियां

दो कुण्डी रखी हुई हैं
पास पास में
एक कुण्डी में पानी है
दूसरी कुण्डी में खाना है
खाना बच जाता है
उस खाने को एक कुण्डी
में रख देते हैं
गाय, कुत्ता आकर
खाना खा जाते हैं
कुण्डी में रखा पानी पीते हैं
खाना नहीं खाना हो तो
पानी पीकर चले जाते हैं

...... विनोद बिस्सा

Thursday, March 12, 2009

होली मुबारक

होली मुबारक


खुशियों के रंग स्वीकार लो

विनोद बिस्सा

श्री कृष्ण संग राधा खेले होली

श्री कृष्ण संग राधा खेले होली


कृष्णा अपने दोस्तों के साथ
खेल रहे हैं होली
तरह तरह के रंगो की
लाल, पीला, हरा... रंगो की होली
गोपियां संग खेल रहे हैं
तरह तरह के रंगो की होली
कृष्ण राधा के बिना है
कृष्णा के रंगो की होली
साथ साथ सब मिलकर
कृष्णा-राधा, गोपियों के संग
खेल रहे हैं होली रंगो की
रंगीन गुलाल हवा में उड़ रही है
पिवकारी से राधा-कृष्णा पर
रंग डाल रही है
कृष्णा देखकर हंस रहे हैं
हमें भी रंग दियो राधा ....
....................... विनोद बिस्सा

Saturday, January 10, 2009

फूलों का मौसम आया


फूलों का मौसम आया‌‌‌‌‌

~~~~~~~~~~~~~~~~~
फूलों का मौसम आया

गुलाबी मौसम आया

खिले हुए है फूल

देखो तरह तरह के

रंग बिरंगे.........

तरह तरह के फूल

इन फूलों में हैं....

लाल पीले सफेद गुलाबी फूल

कितने सुंदर दिखते हैं....

यह तरह तरह के फूल

रोज इक बार इन फूलों में

डालो पानी समय समय पर खाद

तब देखो कितने अच्छे

दिखते और खिलते हैं यह फूल

मंदिर में भगवान को

चढ़ते यह फूल..........................

Friday, January 2, 2009

॰॰॰॰"गमले का फूल"॰॰॰॰


॰॰॰॰"गमले का फूल"॰॰॰॰


चढ़ जाऒ सीढ़ीयां

भले ही गिर जाऒ

गिरकर उठना ही

जिंदगी है

गिरकर डर जाना

पिछड़ना है

कोशिश करो

आगे बढ़ो

गमले लगा फूल

तभी हाथ आयेगा

हम देखे तों

रंगीन गमले

होटलों व घरों के

जिसमे तरह तरह के

फूल मनीप्लांट

सभी अपनी तरह

बढ़ना सिखा रहे हैं..

Friday, November 28, 2008

चुनाव का वायदा

ॅॅॅॅॅॅॅॅॅॅॅ
चुनाव का वायदा
ॅॅॅॅॅॅॅॅॅॅॅ
चुनाव के समय

हमने लोगों से
किए थे वायदे
कि मै
अगर जीत जाउंगा
तो ऐसा करुंगा
जब लोगों ने हम को
जीता दिया तब हमने
अपने वायदे को
भुला दिया
लोगों के लिये
कुछ नहीं किया
अपने लिये
बहुत कुछ कर लिया
अगले पांच वर्ष बाद ॰॰॰॰॰?